Redmi और realme कोनसा ब्रांड बेहतर है

हेलो दोस्तों आज की पोस्ट में बताने वाला हूं कि redmi vs Realme के बारे में अगर आप इन दोनों में से कोई भी ब्रांड कप मोबाइल खरीदते हैं तो आपकी के लिए कौन सा ब्रांड अच्छा रहेगा।हालांकि

यह दोनों कंपनी चाइना का है और इन दोनों कंपनी में हमेशा लड़ाई चलता रहता है वह लड़ाई नहीं की झगड़ा करते रहते हैं यह दोनों कंपनी लड़ाई करती है जैसे रेडमी ने को अंडर 10,000 का फोन निकाला

कुछ अच्छे स्पेसिफिकेशन के साथ तो अब रियल में क्या करता है कि वह उसे मेल स्पेसिफिकेशन 8000 में निकाल देता है मतलब कभी रेडमी रियल मी का कॉपी करता है तो कभी रियल मी रेडमी का ऐसे ही लड़ाई चलते रहता है।


Realme vs redmi कौन  अच्छा  है 


मतलब एक है इंडिया का नंबर वन स्मार्टफोन ब्रांड और दूसरा फास्टेस्ट ग्रोइंग स्मार्टफोन ब्रांड और उनके जो फोन है ना एक ही प्राइस कैटेगरी में आते हैं मतलब एक जैसे ही फोन मार्केट में आते हैं और लोग

 कंफ्यूज हो जाते कि रेल मिले कि रेडमी लेऔर यह दोनों काम ही कंपनी है ना प्रेजेंटेशन वॉइस ट्यूटर पर एक दूसरे को हमेशा बुक करते रहते हैं और यह दोनों कंप्लेंट नाम भी एकदम सिमिलर है। रेडमी रियलमी कुछ ज्यादा मिलते जुलते नाम नहीं हो जाते। अगर

दोनों कंपनी में लड़ाई चल ही रही है तो डेफिनेटली एक कंपनी हार रही और एक कंपनी जीत रही होगी लेकिन क्या यह सच में है कि एक जीत रहा होगा

एक हार रहा होगा जो well जो reality है ना जो इससे काफी ज्यादा अलग है।चलिए बात करते हैं कि यह पता लगाएंगे कि कौन से कंपनी ने कितने नंबर ऑफ फोंस को बेचा है मार्केट मेंअगर हम बात करें तो 2018 की जब रियल में नई नहीं आई थी क्वार्टर टू की बात करे तब पहला क्वार्टर में 0.4 मिलियन

मतलब 4 लाख फोन को बेचे  थी वही उस समय रेडमी 10 मिलियन यानी एक करोड़ फोन को बेचा था उसके बाद क्वार्टर 3 आया तब रियल मी बड़ी हो गई और उसने 2.9 यानी 29 लाख  फोन को बेचा वहीं रेडमी ने 11.7 मिलियन यानी 1 करोड़ 17 लाख  फोन को बेचा काफी बड़ा नंबर हो जाता है काफी गैप हो जाता है इन दोनों के बीच में



कहानी  कैसे बदली इन  दोनों  कंपनी कि 



 लेकिन 2019 आते-आते जो कहानी है ना वह बिल्कुल बदल गई 2019 में जो बेस्ट क्वार्टर है कंपनी का वह रहा क्वार्टर 3 और वहां पर सबसे ज्यादा फोन बेचे और आप लोगों भी हैरान हो जाओगे कि कौन सी कंपनी कितने फोन बेची अगर बात करें शाओमी की की तो छांव में सबसे ज्यादा फोन को बेची मतलब 12.6 मिलियन यानी  1करोड़  26लाख  फोन को भेजी वही बात करें रियल में की तो 6.7 यानी 67 

लाख फोन को बेची देखा जाए तो लास्ट ईयर के कंपैरिजन में मे grow  हुए  है। और यह दोनों कंपनी को ज्यादा ही फोंस को बेच रही है और अभी भी फोन को बेच रही है मतलब ऐसा लग रहा था ना कि रेडमी के आने से रियल मी का सेल्स कम हो जाएगी लेकिन ऐसा लग ही नहीं रहा है मतलब रियल में भी आ गई है तब भी शाओमी continuously ज्यादा नंबर ऑफ फोंस को बेच रही है। और उनकी जो फोंस है ना जो 

ज्यादा क्वांटिटी में बिक रही है हालांकि इसको रोना के समय सेल्स बहुत कम हो गई है और वही बात कर रेडमी की तो वह पहले से ज्यादा फोंस को बेच रही है और इस क्वार्टर में 67 लाख फोंस मतलब 1 साल पुरानी कंपनी इतने कम समय में इतने नंबर ऑफ फोंस को बेचना है यह बड़ी बात हो जाती है। हां माना कि यह बात भी है कि एक कंपनी नहीं होती तो रियल मी नहीं होती तो रेडमी और थोड़ा ज्यादा फोंस भेजता यह जो रेडमी और रियल में जो है ना एक दूसरे से कंप्लीट करते तो है दूसरी कंपनी का जो मार्केट शेयर है।

ना उसे अपनी और खींच रहे हैं। मतलब हो क्या रहा है भले ही दोनों कंपनी एक दूसरे से कंप्लीट कर रहे लेकिन फोन जो है ना वह दोनों कंपनी ही ज्यादा ही बेच रहे हैं। अगर मैं उदाहरण ले तो ओप्पो और वीवो का लास्ट ईयर के कंपैरिजन में जो ग्रोथ है ना वह डबल हो गई है मतलब ओप्पो  ने बेचा 5.5 

मिलियन फोन यानी 55 लाख फोन को बेच वही वीवो ने 7.1 मिलियन फोन को बेचे पिछले साल की कंपैरिजन में जो ग्रोथ वह डबल हो गई है। अब आखिर मेन रीजन क्या है कि कंपनी इतने फोन स्विच शिव रही है और इतने ज्यादा कंपनी कंपटीशन में है।

ना सब इसलिए और ज्यादा से ज्यादा फोन को बेच रही है। वेल रियलिटी तो यह है कि मार्केट स्पेंड कर गया मतलब ज्यादा से ज्यादा लोग पहली बार स्मार्टफोन ले रहे हैं और जो लोग ऑलरेडी स्मार्टफोन यूजर थे ना पहली ज्यादा तेजी से नए नए फोन पर अपग्रेड कर रहे हैं और इसी चीज का कंपनी फायदा उठा रही है मतलब कि सामी का क्या कर रही है कि हर दो-दो तीन-तीन महीने में हर कुछ ना कुछ प्रोडक्ट

 लॉन्च कर रही है और रियल मी का देखा जाए तो लगभग हर महीना कोई ना कोई फोन ले आती है फिलहाल अभी खोलना के चलते तो रुके हुए हैं और उस फोन को ली भी रहे हैं लोग कमाल की बात तो यह है।

 कि इसलिए मार्केट में इतनी तेजी से मार्केट में फोन खरीद रहे हैंऔर वो भी वो भी मार्केट में खूब दिख रहे हैं मतलब मार्केट का जो साइज है ना वह बड़ा हो गया है लेकिन पूरी बात यह यहां पर खत्म नहीं हो जाती मेजॉरिटी फोन जो इंडिया में बिकते हैं ना वह 5000 से 10000 में बिकते हैं और खास बात तो यह है कि यह दोनों कंपनी एक ही ज्यादातर फोंस 5000 से 10000 में ही लॉन्च करते हैं।




दूसरी कंपनी का क्या हाल है मार्केट में


यहां कुछ साल पहले दूसरी कंपनी थी ना जैसे मोटोरोला ऑनर लेनोवो ऐसे कुछ कंपनी का फोन देखने को मिलते थे उनका जो मार्केट शेयर है पहले से कम हो गया और रेडमी रियलमी और ओप्पो वीवो विवो मार्केट शेयर को खा रहा है। even ओप्पो और वीवो की मेजॉरिटी सेल्स हो रहे हैं।

 ना वह 10 से 15000 की प्राइस एंड वेट नहीं हो रही है और वही बात करें दूसरी कंपनी की परफॉर्मेंस कैसे नहीं अभी असली उम्र में थोड़ा डाउनफॉल देखने को मिला एग्जांपल ने खोले तो मोटरोला के सेल्स कम देखने को मिला नोकिआ पहले काफी अच्छे फोंस निकालते थे लेकिन अब वह और भी नीचे गिर चुके हैं।

 वही नोकिया पहले से ज्यादा डाउन फुल हो गई है।एसुस की बात करें तो ए स्पेशल केस है मतलब दो हजार अट्ठारह की बात करें तो काफी अच्छे तरीके से वह मार्केट को क्या चेक कर रहे थे लेकिन लेकिन 2000 आते-आते कहानी बिल्कुल पलट गई बल्कि उनका एसुस m1 M2 बड़ी काफी हिट हुआ था बल्कि अभी काफी हिट हुई मार्केट में लेकिन 
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