NGO kya hota hai aur ngo kaise kaam karta hai

Ngo kaise kaam karta hai
NGO kya hota hai


हेलो दोस्तों आप सभी का स्वागत है। हमारे ब्लॉग  पर यदि आप समाज सेवा करना चाहते हैं।तो आप एनजीओ का नाम तो जरूर सुना ही होगा। तो आज हम जानेंगे इस आर्टिकल के माध्यम से एनजीओ के बारे में सारी जानकारी तो दोस्तों सबसे पहले हम यह
जानेंगे कि एनजीओ क्या होता है।


एनजीओ क्या होता है


enjoy yani non-governmental organisation ये ऐसा संगठन होता है जिसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है एनजीओ का उद्देश्य समाज का कल्याण से जुड़ा होता है और संएनजीओ खोलने के लिए सामाजिक सुधार के साथ-साथ बहुत सारेस्था के समाज के जरूरतमंद की मदद करती है

एनजीओ गरीब बच्चों की शिक्षा महिलाओं की सुरक्षा बेसहारा लोगों के लिए आवाज उठाने का काम भी करती है। NGO खोलने के लिए समाज  सुधार के साथ बहुत सारे रूपया मेहनत  और डेटर्मिन की काफी जरूरत होती है।

 और यह संस्था प्रॉफिट कमाने के लिए किसी और कंपनी जैसे काम नहीं करती है।बल्कि लोगों के सहायता के लिए पैसा की व्यवस्था करती है सारी जरूरत सहायता देने का प्रयास करती है।यानी हम यह कह सकते हैं कि यह बहुत ही जिम्मेदारी का काम है।तो चलिए अब हम यह जानेंगे समाज की सेवा करने के लिए यानी एनजीओ खोलने के लिए कौन सा प्रोसेस को फॉलो करना होता है।


NGO आपको क्यों खोलना 


अगर आप एनजीओ खोलना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको पता होना चाहिए कि एनजीओ क्यों खोलना चाहते हैं। और आप समाज की दिशा में मदद करना चाहते हैं। इस बारे में सबसे पहले आपको सोचना होगा आप महिलाओं के अधिकार के सपोर्ट करना चाहते हैं। यहां बच्चों के भले के लिए एनजीओ खोलना चाहते हैं या फिर इस प्रकृति को बचाना आपका लक्ष्य है। यह तय करने के बाद आपका goal, target vision तैयार कर लीजिए।

Board of director को शामिल करना:- जब आपने गोल को तय कर लिया तो जैसे किसी कंपनी को चलाने के लिए director, ceo होते हैं वैसे ही एनजीओ को चलाने के लिए भी डायरेक्टर और मेंबर के जरूरत होती है। फर्क सिर्फ इतना होता है कि किसी कंपनी के प्रॉफिट के बारे में सोचने वाला मेंबर होते हैं और एनजीओ में ऐसे मेंबर होते जो चैरिटी के भाव रखते हैं समाज के भले के लिए काम करना चाहते हैं।

 एनजीओ में कितने भी लोग शामिल हो सकते हैं लेकिन मिनिमम 7 लोगों का होना जरूरी होता है

Financial advisor technican


इसके अलावा एनजीओ खोलने के लिए फाइनेंसियल एडवाइजर टेक्नीशियन और लीगल प्रोसीजर की समझ रखने वाली लोगों की मदद लेना भी बहुत जरूरी होता है।

Decided the name of ngo


NGO का नाम रखना  जैसे किसी कंपनी  का नाम अपने नाम में ही बहुत  अच्छा होता है। ठीक वैसे ही एनजीओ का एक अच्छा नाम रखना भी बहुत जरूरी होता है और नाम छोटा  और अट्रैक्टिव  हो तो बहुत अच्छा रहेगा अगर आपका एनजीओ का नाम में जज्बे और झलक दिख रहे हैं तो कहना ही क्या यानी आपका भी जन है आपका जो मोटी है वह समझ में आना चाहिए आपका एनजीओ के नाम में।

 लेकिन एनजीओ का नाम रखते समय यह ध्यान रखिए कि यह नाम सरकार की किसी बोर्ड किसी रजिस्टर कंपनी या किसी एनजीओ के नाम के समान ना हो यानी आपको यह क्रॉस चेक करना होगा।


Ngo को register करने के लिए क्या करें? 


 भारत में एनजीओ को रजिस्टर करने के लिए इनमें से किसी भी आउट को फॉलो करना होगा जैसे:-
 Trust act
 Society act
 Companies act


Trust act:- भारत के अलग-अलग राज्य में ट्रस्ट एक्ट होते हैं और अगर किसी राज्य में ट्रस्ट एक्ट नहीं है तो 1882 ट्रस्ट एक्ट लागू किया जाता है और इस एड के अनुसार रजिस्टर के लिए कम से कम 2 मेंबर होना जरूरी है।

Society act:- इस एक्ट के तहत एनजीओ का रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन एंड रूल्स एंड रेगुलेशन डॉक्यूमेंट का जरूरत पड़ती है और यह डॉक्यूमेंट साथ मेंबर होने पर ही बनता है।

Compnies act:- एनजीओ को कंपनी के रूप में रजिस्टर करवाने के लिए मेमोरेंडम एंड आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन एंड रेगुलेशन डॉक्यूमेंट की जरूरत होती है।




Registration  of NGO


इसके बाद आता है एनजीओ को रजिस्टर करना भारत में एनजीओ शुरू के लिए आपके पास ट्रस्ट डीड मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन रूल्स एवं रेगुलेशन जरूरत पड़ती है। जिसमें आपके एनजीओ का नाम एड्रेस मिशन ऑब्जेक्टिव शामिल होते हैं।


भारतीय के कुछ एनजीओ के नाम

गूंज, चाइल्ड लाइन, महिला दक्षता समिति, साथ, भूमि, ग्राम विकास ट्रस्ट, मिशन इस्माइल, सपना, प्रोत्साहन ये कुछ भारत मे एनजीओ के नाम है।

फंड इकट्ठा एनजीओ के लिए कैसे करें?


 जब आप इन स्टेप को फॉलो कर लिया है तो बात करते हैं जो कि सबसे इंपोर्टेंट है वह है एनजीओ के लिए फंड कलेक्ट करना जो कि यह बहुत  इम्पोर्टेन्ट है जो कि यह आगे तक एनजीओ को लेकर जाएगी एनजीओ को चलाने के लिए फंड की जरूरत पड़ती है

 इसके लिए आप एनजीओ का वेबसाइट बना सकते हैं डोनेशन अकाउंट को ऐड कर सकते हैं ऐसा करने से एनजीओ का प्रोमोशन भी होगा और डोनेशन अमाउंट सीधे एनजीओ के अकाउंट में आ जाएगा। एनजीओ के लिए फंड कलेक्ट करने के लिए गवर्नमेंट की हेल्प  भी ली जा सकती है

इसके लिए आपको रूल्स और रेगुलेशन को फॉलो करना होगा। इसके अलावा प्राइवेट ऑर्गेनाइजेशन फॉरेन सूरत से भी फंड कलेक्ट किया जा सकता है इसके लिए जरूरी है कि आपका नेटवर्क बहुत अच्छा हो और आप अपने एनजीओ को हर लेवल पर प्रमोट कर पाते हो साथ ही लीगल फॉर्मेलिटीज की अच्छी जानकारी होनी चाहिए एनजीओ के प्रमोशन के लिए मीडिया हाउसेस की भी मदद ली जा सकती है


एनजीओ को रजिस्टर करवाने और फंड कलेक्ट करने के बाद आप एनजीओ शुरू कर सकते हैं और मदद कर सकते हैं जिसे बहुत मदद की जरूरत है हो सकता है कि आपको ज्यादा मदद ना मिले शुरुआत के दिनों में लेकिन आप लगातार कोशिश करते रहिएगा बहुत ही जल्दी आपके साथ लोग जुड़ जाएंगे और आपने एनजीओ को दायरा बढ़ा पाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद को मदद मिल सके और पता है कि सबसे अच्छी बात क्या है यहां पर इंटेंशन होना चाहिए लोगों के लिए सेवाभाव का होना चाहिए शुरुआत में अच्छा रिस्पांस ना मिले आप निराश मत हो जाएगा लेकिन विश्वास रखिएगा जो भी आप का प्लान है उसके लिए आपको  धैर्य रखना ही  होगा क्योंकि आप इतना बड़ा काम जो करते जा रहे हैं यह तो कोई छोटी मोटी बात नहीं है

 अपने लिए तो सब करते हैं लेकिन दूसरों के लिए करना बहुत बड़ी बात है और एक कहावत है कि आप जो भी देंगे जो भी आप काम कर रहे हैं भले शुरुआत में नहीं इस इसका बहुत ही बड़ा परिणाम आपको बहुत जल्द ही मिलेगा यानी कि आप जो दे रहे हैं वह घूम के आपको जरूर मिलेगा जो प्यार आप दे रहे है जो सेवा भाव आप दे रहे हैं

 उसका परिणाम आपको मिलना ही तय है। लेकिन इस यात्रा में आपको धैर्य रखना होगा हाथ को था में रखिएगा अपने सफर को लगातार रखिएगा क्योंकि यह बहुत बड़ा डिसीजन है जो आपने लिए है। इसके साथ ही आर्टिकल यहीं समाप्त होता है

 फिर आपसे मुलाकात होगी यदि आपका दोस्त ऐसा ही कुछ प्लान कर रहा है।  अपने दोस्तों के साथ यह आर्टिकल जरूर शेयर करें और कमेंट में अपना राई देना ना भूलें धन्यवाद हम आशा करते हैं कि आपका दिन मंगलमय हो।




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